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महाराष्ट्र में मतदाता सूची सुधार अभियान, पनवेल में BLOs को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

Maharashtra महाराष्ट्र: मतदाता सूची को और सटीक और गलत बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026’ के तहत पनवेल प्रशासन द्वारा बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आगामी मतदाता सूची जारी होने से पहले मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को सही और गलत तरीकों से पूरा करना है।
महाराष्ट्र के पनवेल क्षेत्र में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को क्रांतिवीर वासुदेव बलवंत फड़के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की निगरानी पनवेल नगर आयुक्त एवं अतिरिक्त जिला निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी मंगेश चितले द्वारा की गई।
इस मौके पर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और सब-डिविजनल ऑफिसर पवन चांडक सहित निर्वाचन विभाग और नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीएलओ को मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी गई।
भारत निर्वाचन आयोग के इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट अभ्यर्थियों की पहचान कर मतदाता सूची को और सटीक और अपडेट बनाना है। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची में समन्वय को कम करने और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे घर-घर जाकर सत्यापन कार्य को कार्यान्वित से करें और केवल पात्र अभ्यर्थियों को ही सूची में शामिल करें। इसके साथ ही गलत प्रविष्टियों को हटाने और आवश्यक सुधार करने पर विशेष जोर दिया गया।
सब-डिवीजनल ऑफिसर पवन चांडक ने प्रशिक्षण सत्र को निर्देशित करते हुए कहा कि बीएलओ इस पूरे अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका निर्णायक होगी।
पनवेल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह से स्वयंसेवकों और तकनीकी मानकों के आधार पर संचालित किया जा रहा है, ताकि आगामी चुनावों में किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
अधिकारियों ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत सभी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सत्यापन किया जाएगा और इसके बाद ही अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
इस पहल कोचुनल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल प्रशासनिक दक्षता उतनी ही बल्कि डायरेक्ट का भरोसा भी मजबूत होगा।





